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होर्मुज़ के बाद अब बाब अल-मंदेब पर भी ईरान का नियंत्रण, समुद्री व्यापार मार्गों पर बढ़ा तनाव

ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाद अब लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंदेब पर भी अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है। अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के सात महीने बाद यह स्थिति सामने आई है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण इन दो मार्गों पर ईरान की रणनीतिक पकड़ को और अधिक मजबूत कर दिया है।

होर्मुज़ के बाद अब बाब अल-मंदेब पर भी ईरान का नियंत्रण, समुद्री व्यापार मार्गों पर बढ़ा तनाव
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: NAVCENT Public Affairs · Public domain · Wikimedia Commons

वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दो समुद्री मार्गों पर ईरान का नियंत्रण स्थापित हो गया है। बीबीसी न्यूज़ हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाद अब ईरान ने लाल सागर के प्रवेश द्वार बाब अल-मंदेब पर भी अपना प्रभाव जमा लिया है। यह स्थिति अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के सात महीने बाद विकसित हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दो प्रमुख समुद्री मार्गों पर ईरान का वर्चस्व वैश्विक भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव है। बाब अल-मंदेब और होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण तेल और माल ढुलाई मार्गों में से हैं। इन रास्तों पर नियंत्रण का अर्थ है कि ईरान के पास अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने की महत्वपूर्ण क्षमता है।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ईरान की सरकार ने अपनी रणनीतिक स्थिति को काफी मजबूत कर लिया है। पिछले सात महीनों में हुए घटनाक्रमों के बाद, ईरान ने इन जलमार्गों के आसपास अपनी सैन्य और राजनीतिक उपस्थिति को प्रभावी ढंग से बढ़ाया है।

इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इसराइल के साथ बढ़ते तनाव के बीच, ईरान का यह कदम क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदलने वाला माना जा रहा है। इन समुद्री रास्तों से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ईरान इस नियंत्रण का उपयोग किस तरह से करेगा, लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि यह एक बड़ी रणनीतिक जीत है। ईरान ने अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को इन समुद्री मार्गों के माध्यम से और अधिक विस्तार दिया है।

दुनिया भर के देश अब इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। समुद्री व्यापार के लिए इन मार्गों की निर्भरता को देखते हुए, किसी भी प्रकार का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय शक्तियां इस नई स्थिति पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं। फिलहाल, ईरान का इन दो महत्वपूर्ण चौकियों पर दबदबा बना हुआ है, जो मध्य पूर्व की बदलती राजनीति का एक स्पष्ट संकेत है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01BBC News हिंदीमूल रिपोर्ट देखें ↗