250 दिनों तक समुद्र में रहने के बाद अमेरिकी नौसैनिकों का दल थाईलैंड के पटाया तट पर पहुँचा
अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात करीब 5,000 नौसैनिक लंबे समय तक समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड के पटाया पहुंचे हैं। बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, 250 दिनों तक लगातार समुद्र में रहने के बाद इन सैनिकों का यह पहला तटवर्ती पड़ाव है। यह युद्धपोत अपने मिशन के दौरान लंबे समय तक खुले समुद्र में सक्रिय रहा था, जिसके बाद अब इसे विश्राम और रसद के लिए पटाया के पर्यटन स्थल पर रोका गया है।
VIMARSHNAARAD TVअमेरिकी नौसेना का विशाल युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन हाल ही में थाईलैंड के प्रसिद्ध पर्यटन शहर पटाया के तट पर लंगर डाले हुए देखा गया। इस पोत पर सवार लगभग 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि वे पिछले 250 दिनों से लगातार समुद्र की लहरों के बीच अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, इतने लंबे समय तक खुले समुद्र में रहने के बाद यह पहला मौका है जब इन सैनिकों को जमीन पर उतरने का अवसर मिला है। लंबे समुद्री अभियानों के दौरान सैनिकों का जीवन काफी चुनौतीपूर्ण होता है, और ऐसे में किसी बंदरगाह पर रुकना उनके लिए राहत भरा अनुभव होता है।
पटाया का चयन इस युद्धपोत के पड़ाव के लिए किया गया है, जो अपनी पर्यटन गतिविधियों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। हालांकि, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्राम के साथ-साथ युद्धपोत की रसद और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का एक प्रमुख विमानवाहक पोत है, जो अक्सर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी अभियानों में शामिल रहता है। इतने लंबे समय तक समुद्र में रहने का अर्थ है कि चालक दल ने कई महीनों तक अपने परिवार और सामान्य जीवन से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों का सामना किया है।
सैन्य प्रोटोकॉल के तहत, लंबे अभियानों के बाद इस तरह के पड़ाव सैनिकों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक माने जाते हैं। पटाया में रुकने के दौरान सैनिक स्थानीय वातावरण का अनुभव कर सकेंगे और अपनी अगली तैनाती के लिए खुद को तैयार करेंगे।
इस घटना ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का भी ध्यान आकर्षित किया है, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैनिकों का एक साथ किसी शहर में उतरना एक दुर्लभ दृश्य होता है। फिलहाल, युद्धपोत के पटाया में रुकने की अवधि के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह पड़ाव सैनिकों के लिए एक महत्वपूर्ण ब्रेक है।
कुल मिलाकर, यह मिशन अमेरिकी नौसेना की लंबी दूरी तक काम करने की क्षमता और अपने सैनिकों की देखभाल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 250 दिनों की निरंतर सेवा के बाद, अब ये सैनिक कुछ समय के लिए जमीन पर अपनी थकान मिटा सकेंगे।