69000 शिक्षक भर्ती: कोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति न मिलने पर अभ्यर्थियों का लखनऊ में प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती के 2249 अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर लखनऊ में सड़कों पर उतर आए। सोमवार को इन अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा निदेशालय और महानिदेशक कार्यालय के बाहर धरना दिया। उनका आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी उन्हें अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए हैं, जिससे वे लंबे समय से परेशान हैं।
VIMARSHNAARAD TVलखनऊ में सोमवार को 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 2249 अभ्यर्थियों ने अपनी आवाज बुलंद की। ये अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर बेसिक शिक्षा निदेशालय और महानिदेशक कार्यालय के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने वहां धरना प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसके बावजूद, उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में न्यायालय द्वारा भी आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे इन युवाओं का कहना है कि वे मानसिक और आर्थिक रूप से काफी परेशान हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि वे तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक उनकी नियुक्ति सुनिश्चित नहीं हो जाती। कार्यालय के बाहर भारी संख्या में अभ्यर्थियों की मौजूदगी ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
इस प्रदर्शन के कारण कार्यालय परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी देखी गई। अभ्यर्थियों ने अपनी बात रखने के लिए अधिकारियों से मुलाकात की कोशिश की। उन्होंने मांग की है कि बेसिक शिक्षा विभाग जल्द से जल्द इस मामले में संज्ञान ले और नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करे।
शिक्षक भर्ती के इन अभ्यर्थियों का संघर्ष काफी समय से जारी है। वे विभिन्न मंचों पर अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान न मिलने से उनमें भारी आक्रोश है। सोमवार का यह प्रदर्शन उनकी इसी हताशा और मांग को दर्शाता है।
फिलहाल, विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियुक्ति नहीं मिली, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।