90 के दशक के करिश्मा कपूर और सलमान खान के गाने सोशल मीडिया पर फिर से छाए
नब्बे के दशक के करिश्मा कपूर और सलमान खान के हिट गाने आज की युवा पीढ़ी, विशेषकर मिलेनियल्स और जेन अल्फा के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर 'प्यार दिलों का मेला है' जैसे गानों के ट्रेंड होने से ये पुराने ट्रैक फिर से चर्चा में हैं। अभिजीत भट्टाचार्य और अलका याग्निक की आवाज में सजे ये गाने आज भी लोगों को थिरकने पर मजबूर कर रहे हैं।
VIMARSHNAARAD TVनब्बे के दशक का जादू आज भी बरकरार है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया यूजर्स की नई पीढ़ी ने 90 के दशक के उन गानों को फिर से जीवंत कर दिया है जो कभी चार्टबस्टर हुआ करते थे। करिश्मा कपूर और सलमान खान पर फिल्माए गए गाने आज के मिलेनियल्स और जेन अल्फा के बीच काफी पसंद किए जा रहे हैं।
हाल के दिनों में 'प्यार दिलों का मेला है', 'चांदी की डाल पर' और 'तू मेरे दिल में बस जा' जैसे सदाबहार गाने इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ट्रेंड करते हुए देखे गए हैं। इन गानों की धुनें और बोल आज के युवाओं को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, जिससे ये गाने एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं।
खास बात यह है कि जेन जेड और जेन अल्फा पीढ़ी के लोग इन गानों पर डांस मूव्स को रीक्रिएट कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन गानों के साथ बनाई गई रील और वीडियो काफी वायरल हो रहे हैं, जो यह साबित करते हैं कि अच्छी संगीत रचनाएं समय की सीमाओं से परे होती हैं।
इन गानों को अपनी जादुई आवाज देने वाले गायक अभिजीत भट्टाचार्य और अलका याग्निक की गायकी आज भी उतनी ही प्रभावशाली है। उनकी आवाज में सजे ये गाने आज की पीढ़ी के लिए भी उतने ही ताजे और कर्णप्रिय हैं जितने कि वे अपने रिलीज के समय थे।
यह चलन दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पुरानी यादों को ताजा करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। पुराने गानों का यह नया दौर न केवल संगीत प्रेमियों को आनंद दे रहा है, बल्कि फिल्म जगत के उन सुनहरे दिनों की याद भी दिला रहा है।
युवा पीढ़ी का इन गानों के प्रति लगाव यह दर्शाता है कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती। चाहे वह डांस स्टेप्स हों या गानों की धुन, 90 के दशक का यह संगीत आज के डिजिटल युग में भी अपनी चमक बिखेर रहा है।
आने वाले समय में भी इस तरह के पुराने गानों के ट्रेंड में बने रहने की उम्मीद है। यह न केवल पुराने कलाकारों के लिए एक सम्मान है, बल्कि संगीत के प्रति नई पीढ़ी की रुचि का भी प्रमाण है।