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BRICS शिखर सम्मेलन में छाई मध्य प्रदेश की कला, ईरानी राष्ट्रपति की बेटी ने सराहा बाग प्रिंट

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बाग प्रिंट ने विदेशी मेहमानों का ध्यान अपनी ओर खींचा। ईरानी राष्ट्रपति की बेटी जहरा पेज़ेशकियान ने इस कला की जमकर तारीफ की और इसे अपने साथ ले गईं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मध्य प्रदेश की पारंपरिक कलाकृतियां वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।

BRICS शिखर सम्मेलन में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत ने एक बार फिर अपनी चमक बिखेरी है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, धार जिले का प्रसिद्ध 'बाग प्रिंट' इस सम्मेलन में आकर्षण का केंद्र रहा। विदेशी मेहमानों ने इस हस्तकला की बारीकियों की काफी सराहना की।

इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति की बेटी जहरा पेज़ेशकियान ने बाग प्रिंट के काम को देखा और वे इसकी कायल हो गईं। उन्होंने न केवल इस कला की प्रशंसा की, बल्कि वे बाग प्रिंट से बनी कुछ वस्तुएं अपने साथ भी ले गईं।

मध्य प्रदेश को अक्सर देश का दिल कहा जाता है, और यह घटना इस बात को फिर से पुष्ट करती है कि राज्य की कला और संस्कृति का प्रभाव वैश्विक स्तर पर कितना गहरा है। बाग प्रिंट अपनी अनूठी छपाई और प्राकृतिक रंगों के उपयोग के लिए जाना जाता है।

यह हस्तकला सदियों पुरानी है और इसे धार जिले के कारीगरों द्वारा बड़ी मेहनत से तैयार किया जाता है। सम्मेलन में इसे प्रदर्शित करना स्थानीय कारीगरों के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।

विदेशी मेहमानों द्वारा भारतीय कला को सराहे जाने से स्थानीय कलाकारों का मनोबल बढ़ता है। यह न केवल राज्य के लिए गर्व की बात है, बल्कि भारतीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ावा देने का भी एक जरिया है।

सम्मेलन में मौजूद अन्य प्रतिनिधियों ने भी बाग प्रिंट की कलात्मकता की सराहना की। यह हस्तकला अपनी सादगी और सुंदरता के लिए जानी जाती है, जो किसी भी व्यक्ति का मन मोह सकती है।

मध्य प्रदेश सरकार भी राज्य की ऐसी पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बाग प्रिंट का वैश्विक मंच पर सराहा जाना इन प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

आने वाले समय में ऐसी प्रदर्शनियों के माध्यम से भारतीय कला को और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद है। जहरा पेज़ेशकियान का बाग प्रिंट के प्रति लगाव इस कला की वैश्विक अपील का प्रमाण है।

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मूल संदर्भ

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