CEC ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप, केरल के पूर्व मुख्य सचिव ने लगाया टिकट ऑफर का दावा
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर केरल के पूर्व मुख्य सचिव ने एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) का टिकट देने का प्रस्ताव दिया गया था। वहीं, चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि दिल्ली में मसौदा मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार एक विवादित दावे के केंद्र में आ गए हैं। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के पूर्व मुख्य सचिव ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें भाजपा का टिकट देने का ऑफर दिया गया था। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस मामले पर अभी तक चुनाव आयोग की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस आरोप ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की भूमिका को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय की घोषणा की है। आयोग के अनुसार, दिल्ली में मसौदा मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया गया है।
यह निर्णय दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के विशेष अनुरोध पर लिया गया है। अब नागरिक 30 अक्टूबर तक मतदाता सूची से संबंधित अपनी आपत्तियां या दावे दर्ज करा सकेंगे।
आयोग का मानना है कि इस विस्तार से उन लोगों को मदद मिलेगी जो किन्हीं कारणों से अब तक अपना पंजीकरण या सुधार नहीं करा पाए थे। यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। इस विस्तारित अवधि के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और यदि मतदाता सूची में कोई त्रुटि है, तो उसे समय रहते ठीक करा लें। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
आगामी चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर मतदाता सूची का अद्यतन होना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और आम जनता से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि एक त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके।
