ISSF जूनियर वर्ल्ड कप: 15 वर्षीय भारतीय निशानेबाज युगन शक्तिवेल मुथुकुमार ने जीता स्वर्ण पदक
इटली के पोरपेटो में आयोजित ISSF जूनियर वर्ल्ड कप शॉटगन प्रतियोगिता में भारत के युवा निशानेबाज युगन शक्तिवेल मुथुकुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने ट्रैप मेन्स जूनियर इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्षीय इस खिलाड़ी ने फाइनल मुकाबले में इटली के निशानेबाज को शिकस्त देकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है।
VIMARSHNAARAD TVइटली के पोरपेटो में चल रहे ISSF जूनियर वर्ल्ड कप शॉटगन में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा देखने को मिला है। प्रतियोगिता के ट्रैप मेन्स जूनियर इवेंट में भारत के 15 वर्षीय युवा निशानेबाज युगन शक्तिवेल मुथुकुमार ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जीत भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
युगन ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना मेजबान देश इटली के खिलाड़ी से था। कड़े मुकाबले के बावजूद, भारतीय निशानेबाज ने धैर्य बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
इस जीत के साथ ही युगन ने जूनियर स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पोरपेटो में आयोजित इस टूर्नामेंट में दुनिया भर के युवा निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी का यह प्रदर्शन भविष्य की संभावनाओं को और मजबूत करता है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना युगन के उज्ज्वल करियर की शुरुआत है। उनकी इस सफलता पर खेल प्रेमियों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई दी है।
भारतीय निशानेबाजी दल के लिए यह टूर्नामेंट अब तक काफी सफल रहा है। युगन की इस उपलब्धि ने न केवल पदक तालिका में भारत का स्थान ऊपर किया है, बल्कि अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।
आने वाले दिनों में अन्य इवेंट्स में भी भारतीय निशानेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल, युगन शक्तिवेल मुथुकुमार की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न पूरे देश में मनाया जा रहा है।
यह जीत इस बात का प्रमाण है कि भारतीय युवा खिलाड़ी वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। युगन का यह स्वर्ण पदक भारतीय निशानेबाजी के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।