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एआई और डीपफेक के दुरुपयोग के खिलाफ सामंथा रुथ प्रभु को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत

अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के अनुचित इस्तेमाल के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अभिनेत्री के पक्ष में एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इस फैसले के तहत अब उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, चेहरे या आवाज का उपयोग एआई के माध्यम से नहीं किया जा सकेगा, जो डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने हाल ही में डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान और निजता की सुरक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक तकनीक के जरिए हो रहे अपने व्यक्तित्व के दुरुपयोग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

याचिका में सामंथा ने चिंता जताई थी कि किस तरह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके उनकी छवि और आवाज के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। यह मामला डिजिटल युग में सेलिब्रिटीज की निजता और उनके अधिकारों के संरक्षण से जुड़ा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने अभिनेत्री के पक्ष में एक अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सामंथा रुथ प्रभु की स्पष्ट सहमति के बिना किसी भी डिजिटल माध्यम या एआई टूल का उपयोग करके उनके नाम, चेहरे या आवाज का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

यह आदेश उन लोगों और प्लेटफॉर्म्स के लिए एक चेतावनी है जो बिना अनुमति के सेलिब्रिटीज की डिजिटल क्लोनिंग या डीपफेक सामग्री तैयार करते हैं। अदालत का यह रुख मनोरंजन जगत में काम करने वाले कलाकारों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डीपफेक तकनीक का बढ़ता चलन न केवल व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के लिए खतरा है, बल्कि यह गलत सूचना फैलाने का एक बड़ा जरिया भी बन गया है। सामंथा का यह कदम अन्य कलाकारों को भी अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित कर सकता है।

फिलहाल, इस कानूनी जीत के बाद अभिनेत्री की ओर से कोई विस्तृत बयान नहीं आया है, लेकिन अदालत का यह फैसला डिजिटल अधिकारों के क्षेत्र में एक नजीर साबित हो सकता है। भविष्य में एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस तरह के कानूनी हस्तक्षेप और भी महत्वपूर्ण हो जाएंगे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजालामूल रिपोर्ट देखें ↗