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ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 में प्रधानमंत्री का संबोधन, आर्थिक सहयोग और नवाचार पर दिया जोर

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए समूह की बढ़ती आर्थिक शक्ति और नवाचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की विकास यात्रा, स्टार्टअप क्रांति और डिजिटल भुगतान प्रणाली का उल्लेख करते हुए ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।

ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने समूह की दो दशकों की यात्रा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 2006 में चार देशों से शुरू हुआ यह समूह आज 21 देशों का एक बड़ा परिवार बन चुका है। ब्रिक्स देश अब वैश्विक जीडीपी का 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार का 25 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी दुनिया की तुलना में दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' के मंत्र पर काम कर रहा है। भारत ने अपनी आर्थिक नीतियों में विविधता और विश्वसनीयता को प्राथमिकता दी है, जिससे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी देश विकास की राह पर अग्रसर है।

भारत में हो रही स्टार्टअप क्रांति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप और 120 से अधिक यूनिकॉर्न मौजूद हैं। उन्होंने भारत की यूपीआई प्रणाली को वैश्विक स्तर पर वित्तीय समावेशन का एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत का डिजिटल इकोसिस्टम अब कई अन्य देश भी अपना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं को हटाने के लिए रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने स्टार्टअप्स को एक-दूसरे के बाजारों में विस्तार करने और आपसी साझेदारी बढ़ाने का सुझाव दिया।

समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को वैश्विक व्यापार के लिए अनिवार्य बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' का समर्थक है। उन्होंने ब्रिक्स महिला बिजनेस एलायंस की भूमिका को भी सराहा और महिला उद्यमियों को विकास की मुख्यधारा में लाने पर बल दिया।

अंत में, प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स की सामूहिक शक्ति को वैश्विक समाधानों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि ब्रिक्स का तीसरा दशक दुनिया को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

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