ताज़ा अपडेटब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक, डिजिटल खेती और आपूर्ति श्रृंखला में भारत की प्रगति को रेखांकित किया
Vimarsh Naarad TV logoस्वतंत्र डिजिटल न्यूज़Vimarsh–Naarad TVखबर • विमर्श • जनता की आवाज़
डिजिटल संस्करणYouTube
समाचार श्रेणियां

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक, डिजिटल खेती और आपूर्ति श्रृंखला में भारत की प्रगति को रेखांकित किया

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई तकनीकों के व्यापक प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल खेती, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में भारत द्वारा की गई महत्वपूर्ण पहलों का उल्लेख करते हुए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने तकनीक, डिजिटल खेती और आपूर्ति श्रृंखला में भारत की प्रगति को रेखांकित किया
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Prime Minister's Office · GODL-India · Wikimedia Commons

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की तकनीकी उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि नवाचार और डिजिटल समाधानों को अपनाकर ही भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से डिजिटल खेती के क्षेत्र में भारत द्वारा किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे तकनीक के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है और कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए डिजिटल उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। यह पहल न केवल भारत के लिए बल्कि अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

स्टार्टअप्स के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज दुनिया में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया ताकि युवा उद्यमियों को एक साझा मंच मिल सके। उन्होंने माना कि स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

आपूर्ति श्रृंखला यानी सप्लाई चेन के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण विचार रखे। उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। भारत इस दिशा में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है और अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है।

खनिजों और संसाधनों के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और नई तकनीकों का समावेश सतत विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से आग्रह किया कि वे तकनीकी आदान-प्रदान को बढ़ावा दें ताकि सामूहिक रूप से आर्थिक प्रगति को गति दी जा सके।

अंत में प्रधानमंत्री ने समावेशी विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि मानवीय कल्याण होना चाहिए। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी इन बातों को सदस्य देशों के बीच सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01Good News Today on MSNमूल रिपोर्ट देखें ↗