विश्व पर्यटन दिवस पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई डिजिटल और वैकल्पिक पर्यटन पहलों का किया शुभारंभ
नई दिल्ली में विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और 'देखो अपना देश 2.0' अभियान की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन को लोकप्रिय स्थलों से आगे ले जाकर स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर पैदा करना और डिजिटल तकनीक के माध्यम से यात्रा को अधिक सुलभ व समावेशी बनाना है।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व पर्यटन दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक और राष्ट्रीय वैकल्पिक गंतव्य मिशन, जिसे 'देखो अपना देश 2.0' नाम दिया गया है, का अनावरण किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मंत्री शेखावत ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यटन अब केवल स्थानों की यात्रा तक सीमित नहीं रह गया है। आज के पर्यटक स्थानीय संस्कृति, भोजन और परंपराओं के साथ सार्थक जुड़ाव चाहते हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत की पर्यटन रणनीति का अगला चरण ऐसा होना चाहिए जो विकास को लोकप्रिय केंद्रों से बाहर ले जाकर स्थानीय उद्यमियों, महिलाओं और युवाओं के लिए अवसर सृजित करे।
पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा-आधारित प्रबंधन से पर्यटन को अधिक व्यक्तिगत और उत्तरदायी बनाया जा सकता है। सर्वम एआई के डॉ. विवेक राघवन ने भी इस वर्ष की थीम पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीक यात्रा के हर चरण को सहज बनाने में सक्षम है।
राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन स्टैक को ओएनडीसी और आईसीडीआईए के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य पर्यटन सेवाओं को अधिक विश्वसनीय और खोज योग्य बनाना है। इसमें पहचान सत्यापन, भुगतान सुविधा और शिकायत निवारण जैसे तंत्र शामिल होंगे। इस डिजिटल बुनियादी ढांचे का पायलट प्रोजेक्ट जनवरी 2027 में शुरू करने की योजना है।
'देखो अपना देश 2.0' मिशन का मुख्य उद्देश्य कम चर्चित स्थलों को बढ़ावा देकर पर्यटन के दबाव को संतुलित करना है। इसके तहत पहाड़ी, तटीय, सांस्कृतिक और तीर्थ स्थलों की पहचान की जाएगी। राज्यों के सहयोग से इन स्थानों पर बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके और स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ हो।
मंत्रालय ने उद्योग के पांच प्रमुख भागीदारों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया। इनमें एयरबीएनबी, फ्लिक्सबस, ग्लांस, आइशर ग्रुप फाउंडेशन और मेकमायट्रिप शामिल हैं। ये साझेदारियां होमस्टे विकास, जिम्मेदार यात्रा संदेश, विरासत संरक्षण और अनदेखे गांवों के प्रचार जैसे क्षेत्रों में गैर-वाणिज्यिक सहयोग पर केंद्रित हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता पर आधारित एक नया टेलीविजन अभियान भी शुरू किया गया। इसमें प्रधानमंत्री की अपील को शामिल किया गया है, जो नागरिकों को तीर्थ और विरासत स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके अतिरिक्त, 'भारत पर्यटन सांख्यिकी 2026' का प्रकाशन भी जारी किया गया, जो देश के पर्यटन परिदृश्य का विस्तृत विवरण प्रदान करता है।
