विश्व पर्यटन दिवस 2026: डिजिटल नवाचार और एआई के माध्यम से भारत पर्यटन क्षेत्र को दे रहा नई दिशा
27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर भारत पर्यटन के भविष्य को आकार देने के लिए डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर दे रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत नई दिल्ली में कई पहलों का शुभारंभ करेंगे, जिनका उद्देश्य पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

विश्व पर्यटन दिवस 2026 के उपलक्ष्य में, भारत पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका को रेखांकित करने के लिए तैयार है। इस वर्ष का विषय 'डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पर्यटन को नया रूप देना' है, जो तकनीक के माध्यम से यात्रा अनुभवों को अधिक व्यक्तिगत और सुलभ बनाने पर केंद्रित है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 में इस क्षेत्र का जीडीपी में 5.22% योगदान रहा और इसने 8.46 करोड़ नौकरियों को समर्थन दिया।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले केंद्रीय समारोह में पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कई महत्वपूर्ण पहलों का अनावरण करेंगे। इनमें 'नेशनल डिजिटल टूरिज्म स्टैक' का शुभारंभ शामिल है, जो पर्यटन सेवाओं को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए एक खुली डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है। इसके अलावा, 'देखो अपना देश 2.0' के माध्यम से कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने और पर्यटकों की आवाजाही को संतुलित करने का प्रयास किया जाएगा।
भारत ने ई-वीजा सुविधा का विस्तार करते हुए इसे 172 देशों के नागरिकों के लिए सुलभ बना दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा में काफी सरलता आई है। वर्तमान में, कुल वीजा आवेदनों का लगभग 78% इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जारी किया जाता है, और 95% आवेदनों का निपटान 72 घंटों के भीतर कर दिया जाता है। यह डिजिटल प्रगति यात्रियों के लिए भारत को एक अधिक अनुकूल गंतव्य बनाती है।
'इनक्रेडिबल इंडिया' डिजिटल प्लेटफॉर्म और 'निधि प्लस' जैसे उपकरण पर्यटन इकोसिस्टम को एकीकृत कर रहे हैं। निधि प्लस के माध्यम से टूरिज्म सर्विस प्रोवाइडर्स का पंजीकरण और वर्गीकरण ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता में वृद्धि हुई है। जून 2026 में गूगल इंडिया के साथ हुए एक समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भी एआई और डेटा-आधारित जानकारी के जरिए भारतीय पर्यटन के डिजिटल प्रचार को मजबूत करना है।
पर्यटन मंत्रालय देश भर में विविध आयोजन कर रहा है, जिसमें तेलंगाना में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पुरस्कार समारोहों का आयोजन शामिल है। दिल्ली सरकार भी यमुना किनारे 'रंग-रस-रूह' नामक दो दिवसीय उत्सव मना रही है। ये आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की विविधता को प्रदर्शित करते हैं।
भारत में पर्यटन अब केवल यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आजीविका और आर्थिक विकास का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या, विशेष रूप से टियर II और टियर III शहरों में, यात्रा तकनीक और ग्रामीण पर्यटन में नवाचार ला रही है। सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद जैसी पहलें धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही हैं।
अंत में, यह दिन सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। पर्यटन को समुदायों, संस्कृति और पर्यावरण से जोड़कर, भारत एक समावेशी और टिकाऊ पर्यटन क्षेत्र बनाने की दिशा में अग्रसर है।
