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एआईआईए ने आयुर्वेद-आधारित मातृ स्वास्थ्य एवं कल्‍याण सहायता को मजबूत करने के लिए “गर्भिनी मित्र” पाठ्यक्रम शुरू किया

आयुष एआईआईए ने आयुर्वेद-आधारित मातृ स्वास्थ्य एवं कल्‍याण सहायता को मजबूत करने के लिए “गर्भिनी मित्र” पाठ्यक्रम शुरू किया प्रविष्टि तिथि: 24 AUG 2026 2:03PM by PIB Delhi नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), जो आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त प्रमुख संस्थान है, ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पहल एक

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एआईआईए ने आयुर्वेद-आधारित मातृ स्वास्थ्य एवं कल्‍याण सहायता को मजबूत करने के लिए “गर्भिनी मित्र” पाठ्यक्रम शुरू किया

प्रविष्टि तिथि: 24 AUG 2026 2:03PM by PIB Delhi

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), जो आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त प्रमुख संस्थान है, ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए ‘गर्भिणी मित्र’ पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पहल एक संरचित स्वास्थ्य देखभाल कौशल विकास कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य गर्भावस्था और प्रसवोत्तर अवधि के दौरान महिलाओं को उपयुक्‍त स्वास्थ्य शिक्षा, जीवनशैली मार्गदर्शन और सामुदायिक स्तर पर सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों को तैयार करना है। यह पाठ्यक्रम आयुर्वेद की पारंपरिक अवधारणाओं गर्भिणी परिचर्या (प्रसवपूर्व देखभाल), सूतिका परिचर्या (प्रसवोत्तर देखभाल) और गर्भाधान विधि (गर्भधारण से पूर्व की देखभाल) पर आधारित है। छह महीने की अवधि वाले इस ऑफ़लाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को गर्भावस्था की विभिन्‍न तिमाहियों के अनुसार आहार संबंधी ज्ञान, जीवनशैली में आवश्‍यक बदलाव, गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित योग, प्रसव के समय भावनात्मक सहयोग, नवजात शिशु की मालिश और बुनियादी जीवन रक्षक सहायता संबंधी प्रोटोकॉल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन, जैव चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन और कार्यस्थल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। यह पाठ्यक्रम नई दिल्ली के सरिता विहार स्थित एआईआईए परिसर में संचालित किया जाएगा। प्रत्‍येक बैच में 20 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से सीनियर सेकेंडरी (10+2) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले और कम से कम 18 वर्ष की आयु वाले उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र हैं। वर्तमान में अपनी 12वीं कक्षा के परिणामों का इंतजार कर रहे उम्मीदवार भी अनंतिम आवेदन जमा कर सकते हैं। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद अभ्‍यर्थी गर्भिणी मित्र सहायक, प्रसवपूर्व/प्रसवोत्तर देखभाल सहायक, प्रसवपूर्व स्वास्थ्य एवं कल्‍याण मार्गदर्शक तथा मातृ स्वास्थ्य सहायता कर्मी के रूप में कार्य कर सकते हैं। उनके लिए आयुष केंद्रों, प्रसूति क्लीनिकों, गैर-सरकारी संगठनों, सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजनाओं और स्वास्थ्य एवं कल्‍याण संस्थानों में अवसर उपलब्ध हैं। गर्भिणी मित्र पहल नैदानिक ​​प्रसवपूर्व देखभाल का पूरक है, न कि उसका विकल्प। नियमित स्‍वास्‍थ्‍य जांच, नैदानिक ​​परीक्षण और रक्तचाप तथा हीमोग्लोबिन की निगरानी आवश्यक बनी रहती है। प्रशिक्षित गर्भिणी मित्र चेतावनी संकेतों की पहचान करके और योग्य चिकित्‍सकों तथा स्वास्थ्य देखभाल केंद्रों के लिए समय पर रैफरल सुविधा प्रदान करके गर्भवती महिलाओं की सहायता करती हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2026 है। अधिक जानकारी के लिए विवरणिका देखें: अकादमिक विवरणिका - गर्भिणी मित्र। ***** पीके/केसी/आईएम/जीआरएस

(रिलीज़ आईडी: 2302705)

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यह जानकारी Press Information Bureau की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल दस्तावेज़ और पूरा संदर्भ नीचे दिए गए स्रोत लिंक पर पढ़ा जा सकता है।

SOURCES

Original references

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