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ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के लिए नई दिल्ली में जुटेगा वैश्विक समुदाय; 800 से ज़्यादा वैश्विक विशेषज्ञ छह अहम विषयों पर चर्चा करेंगे

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के लिए नई दिल्ली में जुटेगा वैश्विक समुदाय; 800 से ज़्यादा वैश्विक विशेषज्ञ छह अहम विषयों पर चर्चा करेंगे प्रविष्टि तिथि: 09 SEP 2026 7:23PM by PIB Delhi सूखे इलाकों पर काम करने वाले दुनिया भर के वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और किसान समुदाय 10 से 12 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में तीन दिन के 'ग्लोबल ड्राईलैंड कांग्रेस 2026' के

ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के लिए नई दिल्ली में जुटेगा वैश्विक समुदाय; 800 से ज़्यादा वैश्विक विशेषज्ञ छह अहम विषयों पर चर्चा करेंगे
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कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय

ड्राईलैंड कांग्रेस 2026 के लिए नई दिल्ली में जुटेगा वैश्विक समुदाय; 800 से ज़्यादा वैश्विक विशेषज्ञ छह अहम विषयों पर चर्चा करेंगे

प्रविष्टि तिथि: 09 SEP 2026 7:23PM by PIB Delhi

सूखे इलाकों पर काम करने वाले दुनिया भर के वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और किसान समुदाय 10 से 12 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली में तीन दिन के 'ग्लोबल ड्राईलैंड कांग्रेस 2026' के लिए इकट्ठा होंगे। इस कार्यक्रम का विषय ' दक्षिण - दक्षिण सहयोग से ड्राईलैंड खेती में बदलाव लाना' है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ( आईसीएआर ) और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध - शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान ( आईसीआरआईसैट ) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह सम्मेलन राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में आयोजित किया जाएगा और यह आईसीएआर - आईसीआरआईसैट साझेदारी के 50 वर्षों के एक महत्वपूर्ण उत्सव के रूप में भी कार्य करता है। यह कांग्रेस एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंची है। शुष्क भूमि विश्व की भूमि सतह का लगभग 45 प्रतिशत भाग है और यहाँ दो अरब से अधिक लोग रहते हैं , जिनमें से कई छोटे किसान हैं जो जलवायु परिवर्तनशीलता , भूमि क्षरण , जल संकट और बदलते बाजारों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में एशिया , अफ्रीका और अमेरिका के 800 से अधिक वैज्ञानिक , नीति निर्माता , किसान प्रतिनिधि और विकास भागीदार पैनल चर्चाओं , मुख्य भाषणों और प्रमुख प्रस्तुतियों , समानांतर सत्रों और पोस्टर प्रदर्शनियों के माध्यम से छह विषयों - प्रजनन , जलवायु लचीलापन , पोषण और बाजार , कृषि प्रणालियाँ , बीज प्रणालियाँ और लिंग एवं युवा समावेशन - पर विचार - विमर्श करेंगे। कांग्रेस अपने अंतिम दिन दक्षिण - दक्षिण सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र दिवस भी मनाएगी , जिसमें कृषि अनुसंधान में दक्षिण - दक्षिण और त्रिकोणीय सहयोग ( एसएसटीसी ) को आगे बढ़ाने पर एक विशेष समारोह और समर्पित सत्र आयोजित किए जाएंगे , जिनका आयोजन सीजीआईएआर के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा। कार्यवाही का समापन शुष्क भूमि पर दिल्ली घोषणा (3 डी ) को अपनाने के साथ - साथ शुष्क भूमि विज्ञान में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने वाली नई साझेदारियों , समझौता ज्ञापनों और पुरस्कारों की घोषणा के साथ होगा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कांग्रेस को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। उनके साथ आईसीआरआईसैट के महानिदेशक डॉ . हिमांशु पाठक , आईसीआरआईसैट बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री कैथी रीड , डेयर के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ . एमएल जाट , सीजीआईएआर की मुख्य वैज्ञानिक डॉ . सैंड्रा मिलाच , आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक डॉ . आर . एस . परोदा , डॉ . पंजाब सिंह और डॉ . टी . मोहपात्रा , प्रोफेसर एस . जी . मोहम्मद , निदेशक , शुष्क भूमि कृषि केंद्र , बेयरो विश्वविद्यालय , कानो , नाइजीरिया , और आईसीआरआईसैट के पूर्व महानिदेशक डॉ . विलियम डार तथा शुष्क भूमि कृषि को बढ़ावा देने वाले विश्व भर के अन्य प्रतिष्ठित नेता , वैज्ञानिक और विद्वान भी उपस्थित रहेंगे। ***** पीके / केसी / जीके

(रिलीज़ आईडी: 2308506)

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यह जानकारी Press Information Bureau की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल दस्तावेज़ और पूरा संदर्भ नीचे दिए गए स्रोत लिंक पर पढ़ा जा सकता है।

SOURCES

Original references

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