राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ से वंचित करने की शिकायत पर समयबद्ध जवाब मांगा
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ से वंचित करने की शिकायत पर समयबद्ध जवाब मांगा पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी, सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने 'भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ से वंचित किए जाने को बहुत गंभीर
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ से वंचित करने की शिकायत पर समयबद्ध जवाब मांगा
पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी, सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया
आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने 'भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ से वंचित किए जाने को बहुत गंभीर मामला' बताया
प्रविष्टि तिथि: 05 SEP 2026 7:29PM by PIB Delhi
भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए , राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी ) ने राज्यसभा सांसद श्री तरुण चुघ की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पंजाब शिक्षा विभाग में लेक्चरर की भर्ती में आरक्षण नीति को लागू नहीं किया गया है। इस शिकायत में कहा गया है कि पंजाब शिक्षा विभाग द्वारा घोषित 1,013 लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है। इस संबंध में , पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को एक नोटिस जारी किया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर मामले से जुड़े तथ्य , आरोपों पर की गई कार्रवाई और सभी संबंधित रिकॉर्ड (भर्ती अधिसूचना और आरक्षण रोस्टर सहित) आयोग को सौंपें। यह आरोप लगाया गया है कि कई विषयों (जैसे पंजाबी , वाणिज्य , गणित , भौतिकी , अर्थशास्त्र , रसायन विज्ञान , जीव विज्ञान , भूगोल आदि) में आरक्षण के नियमों और तय रोस्टर प्रणाली का ठीक से पालन नहीं किया गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलता है , तो वह संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत सिविल अदालत की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है और व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी कर सकता है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना ने कहा कि लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को आरक्षण लाभ से वंचित किया जाना अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और सरकारी सेवाओं में आरक्षण प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। न्याय सुनिश्चित करने के लिए आयोग कानून के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाएगा। पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2307043)
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यह जानकारी Press Information Bureau की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है। मूल दस्तावेज़ और पूरा संदर्भ नीचे दिए गए स्रोत लिंक पर पढ़ा जा सकता है।